Select Page

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित गजनेर पैलेस और झील अपने भव्य सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। मरुस्थल के मध्य एक स्वप्निल चित्र सा उभरता यह स्थान राजसी वैभव, प्राकृतिक सौंदर्य और वास्तुशिल्पीय उत्कृष्टता का अनूठा संगम है।

इतिहास की भव्य गाथा

गजनेर पैलेस की नींव वर्ष 1784 में बीकानेर के महाराजा गज सिंह जी द्वारा रखी गई थी। हालांकि इसका पूर्ण निर्माण बीकानेर के प्रख्यात महाराजा गंगा सिंह जी द्वारा करवाया गया। इस महल का उपयोग मुख्यतः राजपरिवार के सदस्यों और विशिष्ट अतिथियों के लिए शिकारगाह तथा विश्राम स्थल के रूप में किया जाता था। ब्रिटिश शासन के दौरान प्रिंस ऑफ वेल्स, लॉर्ड एल्गिन, लॉर्ड इरविन और लॉर्ड माउंटबेटन जैसे प्रतिष्ठित अतिथियों ने भी यहाँ प्रवास किया। 1922 में इस पैलेस को बीकानेर पैलेस से रेलमार्ग द्वारा भी जोड़ दिया गया, जिससे इसकी लोकप्रियता में और वृद्धि हुई।

अद्भुत वास्तुकला का संगम

गजनेर पैलेस राजस्थानी, मुगल, यूरोपीय और जैन स्थापत्य शैलियों का उत्कृष्ट मिश्रण प्रस्तुत करता है। महल की लाल बलुआ पत्थर की गुम्बदें, खूबसूरत झरोखे, छतरियाँ और बारीक नक्काशीदार जालियाँ देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। महल के अंदर लकड़ी के नक्काशीदार स्तंभ, पुरानी प्राचीन पेंटिंग्स और एंटीक फर्नीचर कारीगरों की कुशलता के साक्षी हैं।

महल के चार प्रमुख भाग

गजनेर पैलेस मुख्यतः चार भागों में विभाजित है:

  1. डूंगर निवास: ब्रिटिश काल में महत्वपूर्ण मेहमानों और अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था यहाँ होती थी। आज इसमें 13 ऐतिहासिक सुइट बनाए गए हैं, जो पर्यटकों को राजसी ठाठ-बाठ का अनुभव प्रदान करते हैं।
  2. गुलाब निवास: ब्रिटिश काल में रेलवे अधिकारियों के लिए विशिष्ट तौर पर निर्मित इस भाग में आज 32 डीलक्स कमरे उपलब्ध हैं।
  3. चम्पा निवास: आधुनिक समय में निर्मित इस भाग में सुंदर आंगन के चारों ओर शानदार कमरे हैं, जो सुकून और शांति का एहसास कराते हैं।
  4. मंदिर चौक: पैलेस के मुख्य स्वागत क्षेत्र में स्थित यह भाग एक प्राचीन मंदिर और पुराने बरगद के वृक्षों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आने वाले मेहमानों का भव्य स्वागत किया जाता था।

मनोरम झील का प्राकृतिक सौंदर्य

गजनेर पैलेस के ठीक सामने एक सुंदर कृत्रिम झील स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहाँ सोलर पावर से संचालित नौकाओं द्वारा नौका विहार का आनंद लिया जा सकता है। झील के आस-पास के हरे-भरे पेड़-पौधे और पक्षियों की मधुर चहचहाहट वातावरण को मनमोहक बनाती हैं। सर्दियों के मौसम में यह झील विदेशी प्रवासी पक्षियों, विशेषकर “इम्पीरियल सैंड ग्राउस” जैसे दुर्लभ पक्षियों की आश्रयस्थली बन जाती है। पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफर्स के लिए यह स्थान स्वर्ग से कम नहीं है।

वन्यजीव अभयारण्य का आनंद

गजनेर पैलेस और झील के आसपास फैला गजनेर वन्यजीव अभयारण्य विभिन्न जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के लिए विख्यात है। यहाँ हिरण, चिंकारा, काले हिरण, नीलगाय और जंगली सुअरों को उनके प्राकृतिक परिवेश में विचरण करते देखा जा सकता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहाँ का भ्रमण एक यादगार अनुभव साबित होता है।

पैलेस का पर्यटन आकर्षण

आज गजनेर पैलेस को हेरिटेज होटल में परिवर्तित कर दिया गया है, जहाँ पर्यटक शाही जीवन शैली का भरपूर आनंद ले सकते हैं। महल में स्थित रेस्तरां में पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद चखना अपने आप में एक विशेष अनुभव है। यहाँ का शांत और मनोरम वातावरण पर्यटकों को तनाव से दूर शांति प्रदान करता है।

गजनेर पैलेस घूमने का उपयुक्त समय

गजनेर पैलेस और झील घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च तक का समय सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी भी रहती है। गजनेर पैलेस और झील न सिर्फ इतिहास प्रेमियों, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और वास्तुकला के शौकीनों के लिए भी एक आदर्श गंतव्य है। यहाँ बिताया गया समय हर पर्यटक की यादों में सदैव के लिए अमिट बन जाता है।