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राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी बूंदी अपने महलों, किलों, बावड़ियों और भव्य हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है। इसी शहर में स्थित है एक आकर्षक और मनोरम महल – सुख महल। जयत सागर झील के किनारे बना यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत महल अपनी ऐतिहासिक भव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

सुख महल का इतिहास

सुख महल का निर्माण 18वीं शताब्दी में बूंदी के शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने करवाया था। इस महल का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में राज परिवार के सदस्यों के लिए आरामगाह प्रदान करना था। “सुख” शब्द से स्पष्ट है कि यह महल सुख और आनंद के लिए बनाया गया था। कहा जाता है कि इस महल में राजकुमारियां अपने अवकाश के क्षण बिताती थीं, और आसपास के जंगलों में सूअर के शिकार के लिए भी यहीं से प्रस्थान करती थीं।

सुख महल की वास्तुकला

यह महल दो मंजिला संरचना में निर्मित है, जिसका मुख्य आकर्षण इसकी दूसरी मंजिल की छत पर निर्मित सफेद संगमरमर की छतरी (छत्र) है। यह खूबसूरत छतरी न केवल महल की शोभा बढ़ाती है बल्कि आसपास की प्राकृतिक सुंदरता और झील के मनमोहक दृश्य भी प्रस्तुत करती है। महल की वास्तुकला राजपूत और मुगल शैली का सुंदर मिश्रण है, जो इसकी दीवारों पर लगे चित्रों और नक्काशियों में साफ झलकता है।

रुडयार्ड किपलिंग का संबंध

सुख महल का सबसे रोचक पहलू इसका महान अंग्रेज़ लेखक रुडयार्ड किपलिंग से जुड़ा होना है। कहा जाता है कि यहीं रहते हुए किपलिंग ने अपने विश्वप्रसिद्ध उपन्यास ‘किम‘ की कई रचनाएं लिखीं। इतना ही नहीं, ‘जंगल बुक‘ की कुछ कथाएं भी इसी महल की मनोरम छांव में रची गईं। आज भी महल के एक विशेष कक्ष का नाम “किपलिंग पैलेस” रखा गया है, जहाँ इस महान लेखक से जुड़ी तस्वीरें और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं के कवर पेज प्रदर्शित किए गए हैं।

सुख महल का संग्रहालय

महल के भीतर स्थित छोटा-सा संग्रहालय बूंदी के समृद्ध इतिहास को दर्शाता है। यहाँ पर स्थानीय कला, लघु चित्रकला, पुरानी मूर्तियाँ, और राजस्थानी सांस्कृतिक वस्तुओं का संग्रह है। इस संग्रहालय की सैर आपको बूंदी की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराती है।

प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुख महल का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत है। झील के किनारे बने इस महल के आसपास हरियाली, शांत वातावरण और ठंडी हवा हर आने वाले पर्यटक को आनंद और सुकून प्रदान करती है। सूर्यास्त के समय यहाँ का दृश्य अत्यंत मनोहारी हो जाता है।

बूंदी के आसपास के दर्शनीय स्थल

सुख महल की यात्रा के दौरान आप बूंदी के अन्य ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की भी सैर कर सकते हैं। इनमें तारागढ़ किला, गढ़ पैलेस, रानीजी की बावड़ी, चौरासी खंभों की छतरी और बूंदी का रंगीन स्थानीय बाज़ार प्रमुख हैं।

आवास और भोजन

सुख महल अब एक हेरिटेज होटल में तब्दील हो चुका है। यहाँ आप राजसी ठाट-बाट और पारंपरिक राजस्थानी मेहमाननवाज़ी का आनंद उठा सकते हैं। महल के आसपास कई स्थानीय रेस्तरां और भोजनालय भी मौजूद हैं, जहाँ राजस्थानी स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया जा सकता है।

कैसे पहुँचें?

सुख महल बूंदी शहर से बहुत नज़दीक स्थित है। यह राजस्थान के अन्य बड़े शहरों जैसे जयपुर, कोटा, उदयपुर से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा जयपुर है, जो लगभग 210 किलोमीटर दूर है, जबकि निकटतम रेलवे स्टेशन बूंदी ही है।

अंत में,

सुख महल न केवल एक ऐतिहासिक विरासत है बल्कि प्रकृति प्रेमियों, इतिहास प्रेमियों और साहित्य प्रेमियों के लिए भी एक उत्कृष्ट गंतव्य है। इसकी खूबसूरती और सांस्कृतिक महत्व आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बना देंगे।