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बूंदी की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक अनमोल रत्न है — जैत सागर झील। अरावली की पहाड़ियों से घिरी, हरे-भरे वातावरण में स्थित यह झील न केवल पर्यटकों को शांति और सुकून का अनुभव कराती है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है।


जैत सागर झील का इतिहास

जैत सागर झील का निर्माण 14वीं शताब्दी में जैता मीणा नामक स्थानीय शासक द्वारा करवाया गया था। यह झील बूंदी के समृद्ध जल प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा रही है और शाही परिवारों की ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थली मानी जाती थी। झील के किनारे बने भव्य महल, जैसे कि सुख महल, इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाते हैं।


प्राकृतिक सौंदर्य और अद्भुत दृश्य

लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी यह झील हरियाली और पहाड़ियों से घिरी हुई है। मानसून और सर्दियों में जब झील के जल पर कमल के फूल खिलते हैं, तब इसका दृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। ठंडी हवाएं, शांत जल और पक्षियों की मधुर ध्वनि एक सुरम्य वातावरण की रचना करते हैं, जो हर आगंतुक को प्रकृति से जोड़ देता है।


सुख महल से मनमोहक दृश्य

झील के किनारे बना सुख महल, राजा-रानियों का ग्रीष्मकालीन निवास था। यह स्थान प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग का भी पसंदीदा रहा है। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कृति “किम” के कई अंश यहीं लिखे थे। सुख महल से जैत सागर झील का दृश्य अत्यंत मनोरम लगता है, और फोटोग्राफी के लिए यह स्थान आदर्श है।


बोटिंग और आराम का केंद्र

जैत सागर झील पर नाव विहार (बोटिंग) का आनंद लेना एक सुखद अनुभव होता है। जल पर बहती नाव से पहाड़ियों और कमल के फूलों से भरे झील का दृश्य किसी चित्रकार की कल्पना जैसा प्रतीत होता है। झील के चारों ओर बने पैदल मार्ग सैर के लिए उत्तम हैं, जहां आप आराम से टहलते हुए प्रकृति की गोद में समय बिता सकते हैं।


जैत सागर डैम — जल का स्रोत

झील के एक छोर पर स्थित है जैत सागर डैम, जो बूंदी क्षेत्र के जल संग्रहण का महत्वपूर्ण स्रोत है। यह न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्व रखता है, बल्कि एक संरचनात्मक चमत्कार भी है। मानसून के दौरान डैम से बहता जल, झील की सुंदरता को कई गुणा बढ़ा देता है।


पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग

शांत वातावरण, विस्तृत जल क्षेत्र और प्राकृतिक हरियाली की वजह से यह झील प्रवासी पक्षियों के लिए एक आदर्श स्थल है। सर्दियों के मौसम में यहाँ अनेक प्रकार की पक्षियाँ देखने को मिलती हैं, जिनमें रंग-बिरंगे जलपक्षी, बगुले और सारस प्रमुख हैं। यह स्थान पक्षी प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फ़ोटोग्राफरों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।


आसपास के दर्शनीय स्थल

जैत सागर झील के निकट स्थित हैं कई दर्शनीय स्थल जो आपकी यात्रा को और भी समृद्ध बनाते हैं:

  • सुख महल – शाही परिवार का ग्रीष्मकालीन आवास।
  • शिकार बुर्ज – बूंदी के राजाओं का शिकारगाह।
  • टारागढ़ किला – ऊँचाई पर स्थित, इतिहास से भरा हुआ शानदार किला।
  • गढ़ महल और चित्रशाला – बूँदी की कला और संस्कृति का परिचय कराते भित्ति चित्र और वास्तुकला।

खरीदारी और लोककला का अनुभव

बूंदी शहर की गलियों में घूमते हुए आपको मिलेगा राजस्थानी हस्तशिल्प, जैसे कि बंधेज साड़ियाँ, मिट्टी के बर्तन, पारंपरिक गहने और प्रसिद्ध बूंदी की मिनिएचर पेंटिंग्स। यह सब कुछ जैत सागर झील के भ्रमण को एक संपूर्ण अनुभव में बदल देता है।


कब आएं जैत सागर?

झील देखने का सबसे अच्छा समय है सितंबर से मार्च तक, जब मौसम सुहावना होता है और प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट चारों ओर गूंजती है। मानसून के मौसम में कमल के फूलों से ढकी झील, मानो प्रकृति द्वारा बनाई गई एक अद्वितीय पेंटिंग हो।

निष्कर्ष

अगर आप राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का समागम देखना चाहते हैं, तो जैत सागर झील एक अनिवार्य पड़ाव है। यहाँ की शांति, इतिहास, और नैसर्गिक सौंदर्य आपको एक ऐसा अनुभव देंगे जिसे आप जीवन भर नहीं भूल पाएंगे।

तो अगली बार जब आप बूंदी आएं, तो जैत सागर झील को अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें — एक ऐसी जगह जहां इतिहास, प्रकृति और आत्मिक सुकून एक साथ मिलते हैं।