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राजस्थान की रियासतों में अगर किसी नगरी को राजसी सौंदर्य और शाही भव्यता का प्रतीक कहा जाए, तो वो है उदयपुर – और इसी शहर के दिल में बसा है सिटी पैलेस, जो अपने इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत से हर दर्शक को सम्मोहित कर देता है।

निर्माण और इतिहास की झलक

सिटी पैलेस का निर्माण 1559 ईस्वी में महाराणा उदय सिंह द्वितीय द्वारा करवाया गया था, जिन्होंने इसे मेवाड़ की नई राजधानी के रूप में स्थापित किया। यह महल झील पिछोला के किनारे पर एक पहाड़ी पर स्थित है, जहाँ से पूरा शहर और झील का नज़ारा अत्यंत भव्य प्रतीत होता है।

महल का विस्तार आने वाले चार शताब्दियों तक चलता रहा, जिसमें मेवाड़ वंश के उत्तराधिकारियों ने कई महलों, दीवानखानों, आंगनों और मंडपों को जोड़ा। हर पीढ़ी ने इसे अपनी शैली और जरूरतों के अनुसार सजाया और संरक्षित किया, जिससे यह एक ‘शहर के भीतर शहर’ बन गया।

त्रिपोलिया गेट और सूरज गोखड़ा

सिटी पैलेस का मुख्य प्रवेश त्रिपोलिया द्वार से होता है – तीन मेहराबों वाला भव्य द्वार जिसके दोनों ओर आठ संगमरमर की छतरियां बनी हुई हैं। परंपरागत रूप से यहाँ पर महाराणाओं को सोने में तौला जाता था, और उतने ही वज़न के सोने को प्रजा में वितरित किया जाता था।

सूरज गोखड़ा वह स्थान है जहाँ संकट के समय महाराणा अपने लोगों के बीच प्रकट होकर उन्हें भरोसा दिलाते थे। यह स्थान मेवाड़ की सूर्यवंशी परंपरा और जनता के साथ शासक के संबंध का प्रतीक है।

मोर चौक और शीश महल की अद्भुत सजावट

महल के अंदर प्रवेश करते ही आपका सामना होता है मोर चौक से – जो अपने नाम के अनुसार कांच से बनी तीन रंग-बिरंगी मोर की आकृतियों से सजा है। ये शाही आंगन कभी राजाओं के मनोरंजन और दरबार के आयोजन के लिए प्रयुक्त होता था।

इसके अलावा शीश महल, जहाँ की दीवारें और छतें छोटे-छोटे शीशों से सजी हैं, मोमबत्तियों की रोशनी में ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरी काया ही चाँदी में डूबी हो।

झरोखे, संग्रहालय और स्थापत्य वैभव

  • झीलविलास महल से पिछोला झील का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।
  • ज़नाना महल में रानियों के आवास रहे कक्ष और सुंदर झरोखे हैं।
  • चित्तौड़ महल, कृष्ण विलास, और मानक चौक महल परिसर के अन्य प्रमुख स्थल हैं।
  • महल संग्रहालय में मेवाड़ के अस्त्र-शस्त्र, वस्त्र, चित्रकलाएं और शाही जीवनशैली से जुड़ी कई वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं।

फिल्मी नज़ारे और आज का आकर्षण

सिटी पैलेस की भव्यता इतनी प्रभावशाली है कि इसे कई बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों में भी दिखाया गया है, जिनमें सबसे प्रसिद्ध है जेम्स बॉन्ड की फिल्म ‘Octopussy’

महल में हर शाम मनाक चौक में आयोजित लाइट एंड साउंड शो दर्शकों को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराता है। इसके माध्यम से मेवाड़ की शौर्यगाथा, किलेबंदी, युद्ध और संस्कृति जीवंत हो उठती है।

पिछोला झील से सैर और आसपास के स्थल

सिटी पैलेस की यात्रा को और भव्य बनाने के लिए पिछोला झील में नौका विहार अवश्य करें। इस दौरान आप जग मंदिर, जग निवास (लेक पैलेस) और सिटी पैलेस की जलप्रतिबिंबित छवि को निहार सकते हैं।

पास ही में स्थित बागोर की हवेली, जगदीश मंदिर और सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस) भी सैर के लिए आदर्श स्थल हैं।

समापन

सिटी पैलेस, उदयपुर केवल एक राजमहल नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवंत आत्मा, मेवाड़ की शौर्यगाथा, और भारतीय स्थापत्य कला की भव्यता का प्रतीक है। इसकी दीवारों में बसी कहानियाँ, झरोखों से दिखाई देती झील की शांत लहरें, और रंग-बिरंगी कांच की सजावट हर यात्रा को अविस्मरणीय बना देती हैं।

यदि आप कभी उदयपुर आएं, तो सिटी पैलेस को अपनी सूची में सबसे ऊपर रखें — यह केवल एक महल नहीं, बल्कि इतिहास, कला और शौर्य का संगम है।