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राजस्थान की एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित है – गुरु शिखर। समुद्र तल से 1,722 मीटर (5,650 फीट) की ऊँचाई पर स्थित यह स्थल न केवल अरावली पर्वतमाला का सर्वोच्च बिंदु है, बल्कि यह एक धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक यात्रा का संगम भी है।

गुरु शिखर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

गुरु शिखर का नाम ‘गुरु दत्तात्रेय’ के नाम पर पड़ा है। ऐसा माना जाता है कि भगवान दत्तात्रेय, जो कि भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) – त्रिदेवों के अवतार माने जाते हैं, ने यहां तपस्या की थी। उनकी स्मृति में यहाँ गुरु दत्तात्रेय मंदिर स्थापित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।

माना जाता है कि दत्तात्रेय जी की चरण पादुका आज भी इस मंदिर में सुरक्षित हैं। साथ ही, यहाँ अहिल्या माता का मंदिर भी स्थित है, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चढ़ाई और पहुंच

गुरु शिखर तक पहुँचने के लिए मुख्य सड़क से लगभग 300 सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं। यह सीढ़ियाँ पक्की हैं और किनारों पर दुकानें और विश्राम स्थल बने हुए हैं, जहाँ से आप चाय, नाश्ता और स्थानीय हस्तशिल्प का आनंद ले सकते हैं।

चढ़ाई थोड़ी थकाऊ हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे आप ऊपर बढ़ते हैं, ठंडी हवा, शांति और अरावली की वादियों का मनोरम दृश्य आपकी थकान को पल भर में मिटा देता है।

दृश्य और प्राकृतिक सौंदर्य

गुरु शिखर से जब आप चारों ओर नजर दौड़ाते हैं, तो राजस्थान और गुजरात के सीमा क्षेत्र तक फैली पहाड़ियां, घाटियां और हरियाली दिखती हैं। यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य विशेष रूप से मनमोहक होते हैं।

  • ठंडी हवा, ऊँचाई से दिखता नीला आसमान और बादलों की गोद में स्थित यह स्थल फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं।
  • यहाँ एक छोटा रेडियो टॉवर भी है, जो भारतीय वायुसेना के संचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

दर्शनीय स्थल

  1. गुरु दत्तात्रेय मंदिर – त्रिदेवों के अवतार का पवित्र स्थल
  2. अहिल्या माता मंदिर – आध्यात्मिक चेतना का केंद्र
  3. रडार स्टेशन – उच्च तकनीकी स्थलों में से एक, सामान्यतः आम जन के लिए प्रतिबंधित
  4. फोटोग्राफी पॉइंट्स – जहाँ से आप माउंट आबू और आस-पास की पहाड़ियों की शानदार तस्वीरें ले सकते हैं

यात्रा के लिए उत्तम समय

  • अक्टूबर से मार्च का समय गुरु शिखर की यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब मौसम ठंडा और दृश्य स्पष्ट होते हैं।
  • गर्मियों में भी तापमान शेष राजस्थान की तुलना में काफी कम रहता है, इसलिए यह गर्मी की छुट्टियों के लिए भी आदर्श स्थान है।

यात्रा सुझाव

  • चढ़ाई के दौरान आरामदायक जूते पहनें।
  • साथ में पानी की बोतल, टोपी और सनस्क्रीन अवश्य रखें।
  • धार्मिक स्थल है, इसलिए सभ्य परिधान पहनें और शांति बनाए रखें।
  • सीढ़ियाँ चढ़ते समय बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

निष्कर्ष

गुरु शिखर, माउंट आबू की आत्मा है। यहाँ आकर न केवल आपको प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य देखने को मिलता है, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा भी महसूस होती है। ऊँचाई, हवा की ताजगी, और दिव्यता – यह सब मिलकर इस स्थान को एक अलौकिक अनुभव बनाते हैं।

अगर आप माउंट आबू की यात्रा पर हैं, तो गुरु शिखर को नजरअंदाज करना आपकी यात्रा को अधूरा छोड़ देगा। इस ऊँचाई से मिलने वाली नवचेतना और शांति को स्वयं अनुभव करें – यह एक ऐसा पल होगा जो आपके स्मरण में सदैव जीवित रहेगा।