स्थान: सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के ठीक बाहर, बांस-दहाड़ा की पहाड़ियों के तलहटी में
प्रसार: 36 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला
स्थापना वर्ष: 2015
स्थान विशेष: उदयपुर-जयपुर हाईवे से लगभग 12 किमी दूर
इतिहास की गोद में प्रकृति का सौंदर्य
सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित, एक ऐसा स्थल है जहाँ प्रकृति की नीरवता और इतिहास की गरिमा साथ-साथ बहती है। महाराणा सज्जन सिंह द्वारा 19वीं शताब्दी में बनाए गए सज्जनगढ़ महल (मॉनसून पैलेस) के ठीक नीचे यह पार्क स्थित है। मूलतः एक खगोलीय केंद्र और ग्रीष्मकालीन विश्रामगृह के रूप में बनाया गया यह महल आज इस जैविक उद्यान की पृष्ठभूमि बनकर खड़ा है।
2015 में इस बायोलॉजिकल पार्क की स्थापना का उद्देश्य था – स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण और लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आश्रय प्रदान करना।
यहाँ की प्रमुख विशेषताएं
- पार्क के अंदर मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार के जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में विचरण करते देखा जा सकता है।
- बाघ, तेंदुआ, भालू, चीतल, सांभर, और नीलगाय जैसी अनेक प्रजातियाँ यहाँ पाई जाती हैं।
- पक्षी प्रेमियों के लिए यह स्थान भी खास है क्योंकि यहाँ प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की अनेक प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं।
भ्रमण के विकल्प
आप इस पार्क की सैर पैदल, या गोल्फ कार के माध्यम से कर सकते हैं (गोल्फ कार सेवा शुल्क के आधार पर उपलब्ध है)। यह सुविधा खासकर वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
पर्यावरण शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र
सज्जनगढ़ जैविक उद्यान सिर्फ पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि एक शिक्षा और अनुसंधान केंद्र भी है। यहाँ आप जैव विविधता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही जैव संरक्षण के महत्व को समझ सकते हैं। अनेक स्कूलों और संस्थानों के लिए यह एक जीवंत प्रयोगशाला है, जहाँ विद्यार्थी प्रकृति के करीब आकर अनुभव करते हैं।
सज्जनगढ़ महल – प्राकृतिक वैभव का प्रतीक
इस पार्क की सुंदरता को और भी बढ़ाता है बगल में स्थित सज्जनगढ़ महल, जहाँ से पूरे उदयपुर शहर, झीलों और अरावली की पहाड़ियों का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है। यह महल मानसून पैलेस के नाम से भी प्रसिद्ध है।
कब आएँ?
- उत्तम समय: अक्टूबर से मार्च (ठंडे मौसम में वन्यजीव अधिक सक्रिय रहते हैं)
- खुलने का समय:
- गर्मी (15 मार्च से 14 अक्टूबर): सुबह 8:30 से शाम 5:30
- सर्दी (15 अक्टूबर से 14 मार्च): सुबह 9:00 से शाम 5:00
- बंद दिन: मंगलवार
टिकट शुल्क (भारतीय नागरिकों के लिए):
- प्रवेश शुल्क: ₹50/व्यक्ति
- विदेशी पर्यटक: ₹300/व्यक्ति
- छात्र: ₹20/व्यक्ति
- गाड़ी प्रवेश: ₹30 से ₹500 तक (वाहन के प्रकार अनुसार)
- कैमरा शुल्क: ₹200 से ₹1000 तक (भारतीय/विदेशी और वीडियो अनुसार)
सज्जनगढ़ पार्क के आगे क्या?
- लेक पिछोला की सैर नाव से करें, और उसके किनारे बसे भव्य सिटी पैलेस का आनंद लें।
- बागोर की हवेली और विंटेज कार म्यूजियम में राजस्थान के शाही इतिहास की झलक पाएं।
- सज्जनगढ़ महल से सूर्यास्त का दृश्य एक अविस्मरणीय अनुभव होता है।
निष्कर्ष
सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क केवल वन्यजीवों का आश्रय नहीं, बल्कि एक ऐसी यात्रा है जहाँ प्रकृति, इतिहास और संस्कृति का सुंदर समागम होता है। यदि आप उदयपुर की यात्रा पर हैं और कुछ असाधारण अनुभव की तलाश में हैं, तो यह पार्क आपके लिए एक अनोखा अवसर है—जहाँ हर कदम पर कुछ नया जानने और महसूस करने को मिलेगा।
आइए, और प्रकृति की इस अद्भुत यात्रा का हिस्सा बनिए!