राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम राज्य का सबसे पुराना और सबसे सुंदर संग्रहालय माना जाता है। यह राम निवास उद्यान के मध्य में स्थित है और अपनी अनोखी स्थापत्य कला, ऐतिहासिक संग्रह और चमकदार रात्री-दृश्य के कारण पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है।
रात के समय जब यह भवन रंगीन रोशनियों से जगमगाता है, तो यह किसी महल जैसा दिखाई देता है।
निर्माण और इतिहास – प्रेरणा लंदन के प्रसिद्ध संग्रहालय से
अल्बर्ट हॉल का इतिहास अत्यंत रोचक है। इसका निर्माण 19वीं सदी में हुआ और इसकी रचना का आधार लंदन स्थित प्रसिद्ध विक्टोरिया एंड अल्बर्ट संग्रहालय था।
निर्माण से जुड़ी मुख्य बातें
- भवन की आधारशिला सन् 1876 में वेल्स के राजकुमार ने रखी।
- संपूर्ण डिज़ाइन और निर्माण का श्रेय प्रसिद्ध वास्तुकार सर स्विंटन जैकब को जाता है, जिन्होंने राजस्थान के कई महलों का निर्माण किया।
- इसे पहले एक सार्वजनिक भवन (टाउन हॉल) के रूप में बनाया जा रहा था, परन्तु बाद में महाराजा सवाई मदो सिंह द्वितीय ने इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया।
- सन् 1887 में इसे औपचारिक रूप से जनता के लिए संग्रहालय के रूप में खोला गया।
प्रमुख आकर्षण – अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम में क्या देखें?
यह संग्रहालय लगभग 24 विशाल दीर्घाओं (गैलरी) में बँटा हुआ है, जहाँ अलग-अलग काल और विभिन्न सभ्यताओं से जुड़ी वस्तुएँ सहेजकर रखी गई हैं।
1. 2300 वर्ष पुरानी मिस्र की ममी
संग्रहालय की सबसे बड़ी पहचान—
👉 एक असली मिस्र की ममी, जिसका नाम “टूटू” बताया जाता है। यह राजस्थान में अपने प्रकार की एकमात्र ममी है, और इसे देखने हजारों लोग आते हैं।
2. राजस्थान की मिनिएचर (लघुचित्र) चित्रकला
यहाँ राजस्थान की विभिन्न शैली की चित्रकला के अद्भुत उदाहरण सुरक्षित हैं:
- बूंदी
- कोटा
- किशनगढ़
- उदयपुर
- जयपुर
इनमें किशनगढ़ शैली की राधा-कृष्ण की पेंटिंग विशेष रूप से आकर्षित करती है।
3. हथियार और शस्त्रागार-दीर्घा
इस खंड में आपको मिलेगा—
- राजपूत कालीन तलवारें
- भाले
- ढालें
- कांस्य और इस्पात के शस्त्र
- प्राचीन योद्धाओं के कवच
इतिहास प्रेमियों के लिए यह दीर्घा किसी खजाने से कम नहीं।
4. हाथीदाँत, लकड़ी और धातु-कला
यहाँ की सबसे खास वस्तुएँ—
- हाथीदाँत पर की गई महीन नक्काशी
- लकड़ी से तराशी गई मूर्तियाँ
- ताम्बे और काँसे की पुरानी प्रतिमाएँ
- प्राचीन युग की दुर्लभ शिल्प वस्तुएँ
हर वस्तु अपने समय की कला-दृष्टि और कौशल का जीवंत प्रमाण है।
5. कालीन, वस्त्र और आभूषण
- फारसी कालीन
- पारंपरिक राजस्थानी वस्त्र
- लहरिया, बंधेज, और ब्लॉक प्रिंटिंग के नमूने
- पुराने आभूषणों का संग्रह
यह खंड राजस्थान की पारंपरिक विरासत को दर्शाता है।
रात का दृश्य – रोशनी में नहाया हुआ अल्बर्ट हॉल
रात के समय अल्बर्ट हॉल पर रंग-बिरंगी रोशनियाँ पड़ती हैं, जिससे पूरा भवन सुनहरी चमक के साथ जगमगा उठता है। यह जयपुर का सबसे लोकप्रिय रात्री-दर्शन स्थल है। यहाँ ली गई तस्वीरें अत्यंत सुंदर आती हैं।
कैसे पहुँचे?
- स्थान: राम निवास उद्यान, जयपुर
- जयपुर रेलवे स्टेशन से दूरी: लगभग 4 किलोमीटर
- जयपुर हवाई अड्डे से दूरी: लगभग 10 किलोमीटर
- आसानी से ऑटो, कैब और ई-रिक्शा उपलब्ध
समय और टिकट (सन् 2025 के अनुसार नवीनतम जानकारी)
खुलने का समय:
- प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक
- रात्री-दर्शन: शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक
टिकट शुल्क:
- भारतीय पर्यटक: ₹50
- रात्री-दर्शन: ₹100
- कैमरा शुल्क: अलग
यात्रा सुझाव
सुबह या शाम का समय भ्रमण के लिए श्रेष्ठ, ममी को अवश्य देखें, कुल 1.5 से 2 घंटे का समय निकालें|पास में ही जयपुर जू और राम निवास उद्यान भी देख सकते हैं