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राजस्थान की राजधानी जयपुर से मात्र 70 किलोमीटर दूर स्थित सांभर झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की अंतर्देशीय (Inland) झील है। यह सिर्फ एक झील नहीं, बल्कि एक ऐसा अद्भुत प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल है जहाँ अनंत सफ़ेद नमक के मैदान, फ्लेमिंगो पक्षियों के विशाल झुंड, और अनूठा ग्रामीण जीवन मिलकर एक अनोखा अनुभव बनाते हैं।

अपने विस्तृत सफेद परिदृश्य के कारण कई यात्री इसे राजस्थान का “मिनी कच्छ” भी कहते हैं।

इतिहास और महत्व – 2,000 वर्षों से नमक उत्पादन का केंद्र

सांभर झील का इतिहास 2,000 वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है। यह माना जाता है कि यहाँ नमक उत्पादन का कार्य प्राचीन काल से चलता आ रहा है, और आज भी यह झील भारत की नमक आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण भाग देती है। कुछ ऐतिहासिक मान्यताएँ सांभर नगरी को देवयानी और राजा ययाति से भी जोड़ती हैं, जिससे यह स्थान पौराणिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है।

नमक उत्पादन – सांभर का सबसे बड़ा आर्थिक आधार

सांभर झील क्षेत्र में नमक का उत्पादन वृहद स्तर पर होता है और यह क्षेत्र:

  • राजस्थान में सबसे ज्यादा नमक देता है
  • भारत में नमक उत्पादन के बड़े केंद्रों में शामिल है
  • झील के आसपास विस्तृत नमक के खेत (Salt Pans) मिलते हैं

सबसे रोचक बात है सांभर सॉल्टवर्क्स का स्वयं का रेलवे सिस्टम, जो नमक को पैन से प्रोसेसिंग यूनिट तक ले जाने के लिए बनाया गया था। यह भारत में एक अद्वितीय प्रणाली है।

पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग – फ्लेमिंगो और प्रवासी पक्षियों की दुनिया

सांभर झील सर्दियों के दिनों में पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाती है।
यहाँ पर आप देख सकते हैं—

  • हजारों फ्लेमिंगो
  • ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट
  • ग्रीन सैंडपाइपर
  • शेलडक
  • क्रेन और अन्य प्रवासी पक्षी

झील की खारी सतह बीच-बीच में गुलाबी हो उठती है, जो फ्लेमिंगो की वजह से एक मनोहारी दृश्य बनाती है।

शाकंभरी माता मंदिर – सूर्यास्त का दिव्य दृश्य

सांभर झील के किनारे स्थित शाकंभरी माता मंदिर यहाँ का मुख्य धार्मिक और पर्यटन स्थल है। कहा जाता है कि माता शाकंभरी ने अपने आशीर्वाद से यहाँ नमक का भंडार दिया था। यहाँ से दिखाई देने वाला सूर्यास्त का दृश्य अत्यंत मनमोहक और शांतिपूर्ण होता है। बेसुमार सफेद नमक के मैदान और विशाल झील, सूर्य की लालिमा में सोने-सा चमकते हैं।

सांभर में घूमने योग्य प्रमुख स्थल

1. देवयानी कुंड

यह सांभर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, जहाँ देवयानी और राजा ययाति की कथा जुड़ी है।

2. शर्मिष्ठा सरोवर

प्राकृतिक सौंदर्य से भरा यह सरोवर सांभर की पौराणिक परंपरा को दर्शाता है।

3. सांभर सॉल्ट म्यूज़ियम

यहाँ आप नमक उत्पादन की पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं—
प्राचीन तरीकों से लेकर आधुनिक तकनीक तक।

4. सर्किट हाउस

ब्रिटिश कालीन वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण — यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत है।

5. सांभर टाउन वॉक

सांभर तहसील के पुराने मोहल्लों, मस्जिदों, हवेलियों, और गाँव के जीवन को जानने का बेहतरीन अवसर।

6. धार्मिक स्थल – नरैना और भैराना

सांभर जाते समय रास्ते में ये महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान भी दर्शनयोग्य हैं।

क्यों है सांभर झील फोटोग्राफरों और यात्रियों की पसंद?

  • अनंत तक फैला सफेद नमक
  • पानी और धरती का मिश्रित प्रतिबिंब
  • गुलाबी फ्लेमिंगो
  • देहाती राजस्थान का ख़ूबसूरत दृश्य
  • अनोखे रंगों वाला सूर्यास्त

इन्हीं कारणों से यह जगह फोटोग्राफरों, ड्रोन शूटर्स और ट्रैवल ब्लॉगर्स की पहली पसंद बन चुकी है।

कैसे पहुँचे सांभर झील?

निकटतम शहर:

  • जयपुर – 70 किमी
  • अजमेर – 80 किमी
  • फुलेरा – 20 किमी

सड़क मार्ग:
जयपुर, अजमेर और फुलेरा से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध।

रेल:
सांभर लेक रेलवे स्टेशन निकटतम है।

निष्कर्ष – प्रकृति और इतिहास का अनूठा संगम

सांभर झील सिर्फ एक नमक झील नहीं है—यह राजस्थान की प्राकृतिक धरोहर, हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति, और दृश्य सौंदर्य का अद्भुत प्रतीक है। यदि आप शांति, अनोखे परिदृश्य, पक्षियों की दुनिया और राजस्थान की सांस्कृतिक खूबसूरती को महसूस करना चाहते हैं, तो सांभर झील आपके लिए एक परफेक्ट स्थान है।