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मेहरानगढ़ किला, जोधपुर – इतिहास, शौर्य और शाही वैभव का प्रतीक

राजस्थान के हृदय में स्थित जोधपुर की नीली गलियों के ऊपर 410 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है – मेहरानगढ़ किला। यह वही दुर्ग है जिसने सदियों तक राजपूती शौर्य, मुगल आक्रमण, और कला-संस्कृति के उत्थान का साक्षी बनकर खड़ा रहा। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि – राव जोधा का स्वप्न 1459 ईस्वी...

सिटी पैलेस, उदयपुर – झीलों की रानी की शाही धरोहर

राजस्थान की रियासतों में अगर किसी नगरी को राजसी सौंदर्य और शाही भव्यता का प्रतीक कहा जाए, तो वो है उदयपुर – और इसी शहर के दिल में बसा है सिटी पैलेस, जो अपने इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत से हर दर्शक को सम्मोहित कर देता है। निर्माण और इतिहास की झलक सिटी...

सुनहरी कोठी, टोंक: शीशे, सोने और सौंदर्य की अद्वितीय संगमस्थली

राजस्थान की साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी टोंक में स्थित सुनहरी कोठी (Sunehri Kothi) या गोल्डन मेंशन, एक ऐसी धरोहर है जो अपनी सादगी भरे बाहरी स्वरूप से आपको धोखा दे सकती है, लेकिन जैसे ही आप इसके अंदर प्रवेश करते हैं, एक अलौकिक सौंदर्य आपके सामने प्रकट होता है। सुनहरी...

अनूपगढ़ किला: राजस्थान की सीमाओं पर खड़ा एक ऐतिहासिक प्रहरी

राजस्थान के पश्चिमी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ कस्बे में स्थित अनूपगढ़ किला भले ही आज खंडहरों में तब्दील हो चुका हो, लेकिन इसका ऐतिहासिक गौरव आज भी इसकी टूटी दीवारों और बिखरी ईंटों में झलकता है। पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित यह किला कभी मुगलों की सामरिक...

कुम्भलगढ़ किला – मेवाड़ की शान और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली

राजस्थान के राजसमंद ज़िले में स्थित कुम्भलगढ़ किला भारतीय इतिहास और वास्तुकला की महान धरोहरों में से एक है। यह दुर्ग न केवल रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है, बल्कि यह मेवाड़ के वीर महाराणा प्रताप की जन्मस्थली भी है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि कुम्भलगढ़ किले का निर्माण...