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रणकपुर जैन मंदिर – कला, आस्था और स्थापत्य का अद्भुत संगम

राजस्थान के अरावली पर्वतों की गोद में स्थित, रणकपुर जैन मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और भव्य जैन तीर्थस्थलों में से एक है। यह मंदिर 15वीं शताब्दी में जैन व्यापारी सेठ धर्मशाह द्वारा बनवाया गया था, जिन्‍हें एक दिव्य स्वप्न में भगवान आदिनाथ का दर्शन हुआ। इस मंदिर का...

रणथंभौर किला – वीरता, संघर्ष और गौरव की अमर कहानी

राजस्थान के सवाई माधोपुर ़िले में स्थित रणथंभौर किला (Ranthambore Fort) ना केवल स्थापत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह भारत के मध्यकालीन इतिहास का एक जीवंत गवाह भी है। 10वीं शताब्दी में चौहान राजवंश के शासकों द्वारा निर्मित यह किला, अरावली और विंध्य की पर्वत...

तिमनगढ़ किला – इतिहास की गोद में खड़ा एक अद्भुत धरोहर

राजस्थान की ऐतिहासिक भूमि पर स्थित टिमनगढ़ किला, करौली जिले से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यह किला ना केवल स्थापत्य कला की दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि इसका इतिहास भी उतना ही गौरवशाली और रोमांचक है। निर्माण और पुनर्निर्माण की गाथा तिमनगढ़ किले का मूल निर्माण...

नागौर किला: इतिहास, वास्तुकला और सूफियाना रूहानी छटा का संगम

राजस्थान की वीरभूमि पर स्थित नागौर शहर का हृदय कहलाने वाला “नागौर किला” न सिर्फ स्थापत्य की दृष्टि से अद्भुत है, बल्कि यह अपने भीतर सदियों पुराना इतिहास, युद्धों की गूंज, राजपूती शौर्य और सूफियाना मोहब्बत के किस्से भी संजोए हुए है। प्राचीनता की परतें ऐसा...

गरिमामयी इतिहास का गवाह – गढ़ पैलेस, कोटा

कोटा, राजस्थान का एक प्रमुख ऐतिहासिक शहर, केवल अपने औद्योगिक विकास के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहाँ स्थित भव्य गढ़ पैलेस (जिसे कोटा सिटी पैलेस भी कहा जाता है) के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह महल न केवल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि कोटा की समृद्ध...