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भटनेर किला (हनुमानगढ़) – भारत की प्राचीन सैन्य शान का प्रतीक

राजस्थान की धरती अपने साहस, संस्कृति और स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक बेहद गौरवशाली विरासत है भटनेर किला, जिसे आज हनुमानगढ़ किला के नाम से भी जाना जाता है। घग्घर नदी के किनारे स्थित यह किला सिर्फ एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि 1700 वर्षों की गाथा...

जुना महल, डूंगरपुर – इतिहास की परतों में बसा राजसी धरोहर

राजस्थान की मिट्टी में जहां एक ओर वीरता की कहानियाँ गूँजती हैं, वहीं दूसरी ओर स्थापत्य और कला के अद्भुत उदाहरण भी हर मोड़ पर देखने को मिलते हैं। डूंगरपुर में स्थित जुना महल (Juna Mahal) भी इन्हीं अद्भुत धरोहरों में से एक है, जो अपनी सात मंज़िला बनावट, प्राचीन दीवारों...

धौलपुर सिटी पैलेस – लाल बलुआ पत्‍थर में बसी रॉयल शान

धौलपुर की धरती सिर्फ इतिहास की गाथाओं से नहीं, बल्कि राजसी विरासत और स्थापत्य कला की अद्वितीय मिसालों से भी भरी हुई है। उन्हीं में से एक है – सिटी पैलेस धौलपुर, जिसे धौलपुर पैलेस या राज निवास महल के नाम से भी जाना जाता है। यह महल धौलपुर के हृदय में स्थित है और अपने...

चाँद बावड़ी: राजस्थान के दिल में छिपी अद्भुत गहराई

राजस्थान की धूप से तपती ज़मीन के बीच, एक शांत गाँव आभानेरी (Abhaneri) में बसी है एक विस्मयकारी कारीगरी – चाँद बावड़ी। जयपुर से लगभग 88 किलोमीटर दूर, यह बावड़ी ना केवल भारत की सबसे बड़ी और सबसे गहरी बावड़ियों में से एक है, बल्कि वास्तुकला की दृष्टि से भी एक चमत्कार है।...

चित्तौड़गढ़ का किला – शौर्य, बलिदान और गौरव की अमिट गाथा

राजस्थान की वीर भूमि पर स्थित चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि यह राजपूती शौर्य, बलिदान और आत्मगौरव की ऐसी अमर गाथा है, जो हर भारतवासी के हृदय में गर्व की भावना भर देती है। यह किला भारतीय इतिहास में महाकाव्य की तरह प्रतिष्ठित है — इसकी दीवारों पर...