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सिलिसेढ़ झील: अलवर की प्राकृतिक सुंदरता और शाही विरासत का संगम

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सिलिसेढ़ झील (Siliserh Lake) एक अद्भुत प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल है। यह अलवर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और अरावली पर्वतमाला की सुरम्य पहाड़ियों से घिरी हुई है। महाराजा विनय सिंह द्वारा 1845 ईस्वी में निर्मित इस...

पांडुपोल हनुमान मंदिर, अलवर: सरिस्का के जंगलों में स्थित 5000 साल पुराना एक दिव्य तीर्थ

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व की हरी-भरी वादियों में स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर एक ऐसा स्थान है, जो आध्यात्मिकता, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर को लगभग 5000 साल पुराना माना जाता है और यह मंदिर हनुमान जी...

गर्भाजी वाटरफॉल्स: अलवर की प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा नज़ारा

राजस्थान, जिसे रेगिस्तानों और ऐतिहासिक धरोहरों की भूमि माना जाता है, वहाँ एक अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य भी मौजूद है। अलवर के पास स्थित गर्भाजी वाटरफॉल्स (Garbhaji Waterfalls) इसी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह जलप्रपात अपनी शांत और सुरम्य प्राकृतिक छटा, ऊँचाई से गिरते...

भानगढ़ किला: इतिहास, रहस्य और भूतिया कहानियों का संगम

राजस्थान अपनी शाही विरासत, भव्य महलों और ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन जब बात रहस्यमयी और डरावने स्थानों की होती है, तो भानगढ़ किले (Bhangarh Fort) का नाम सबसे पहले आता है। यह किला 17वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह ने बनवाया था, जो मुगल सम्राट अकबर के...

फ़तेह जंग गुंबद: अलवर का ऐतिहासिक खजाना और वास्तुकला का अनूठा उदाहरण

राजस्थान का अलवर शहर अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के किले, महल और मकबरे एक समृद्ध अतीत की कहानियाँ बयां करते हैं। इन्हीं में से एक है फ़तेह जंग गुंबद (Fateh Jung Gumbad), जो मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का एक शानदार मिश्रण है। यह भव्य...