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गलता जी, जयपुर – पहाड़ों के बीच बसा पौराणिक तपोस्थल और पवित्र कुण्डों का आध्यात्मिक धाम

जयपुर से कुछ किलोमीटर दूर अरावली की निम्न पहाड़ियों के बीच स्थित गलता जी एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र तीर्थस्थल है। यहाँ प्राकृतिक झरने, पवित्र कुण्ड, सुंदर मंदिर, राजस्थानी स्थापत्य और शांत वातावरण मिलकर एक दिव्य अनुभूति का निर्माण करते हैं। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य,...

अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम, जयपुर – राजस्थान की कला और इतिहास का भव्य खजाना

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम राज्य का सबसे पुराना और सबसे सुंदर संग्रहालय माना जाता है। यह राम निवास उद्यान के मध्य में स्थित है और अपनी अनोखी स्थापत्य कला, ऐतिहासिक संग्रह और चमकदार रात्री-दृश्य के कारण पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है। रात...

जयगढ़ किला – विजय का दुर्ग, शक्ति का प्रतीक और शौर्य की जीवंत विरासत

जयपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर अरावली की शुष्क, पथरीली और कांटेदार पहाड़ियों पर स्थित जयगढ़ किला, राजस्थान के सबसे सुदृढ़ और रणनीतिक पहाड़ी दुर्गों में गिना जाता है। यह किला 18वीं शताब्दी के आरंभ में महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। इसके नाम में “जय”...

नाहरगढ़ किला – जयपुर की सुरक्षा का प्रहरी

अरावली की उत्तरी पहाड़ियों पर स्थित नाहरगढ़ किला जयपुर शहर के ऊपर मानो एक संरक्षक की तरह खड़ा दिखाई देता है। यह केवल एक किला नहीं, बल्कि राजपूताना साहस, सुंदरता, रणनीति और स्थापत्य कौशल का शानदार उदाहरण है। इसकी ऊँचाई से दिखाई देने वाला पूरा जयपुर मानो सुनहरी रोशनी...

हवा महल: जयपुर का पवनों से सराबोर शाही चमत्कार

हवा महल का निर्माण वर्ष 1799 में हुआ था और इसे महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने बनवाया था। इसका वास्तुकार लाल चंद उस्ताद थे। यह महल अपनी 953 झरोखों, गुलाबी बलुआ पत्थर और अनोखी जालीदार खिड़कियों के कारण खास है; इन झरोखों का मूल उद्देश्य शाही महिलाओं को नगर-जीवन और...