by hdeshatanam | May 18, 2025 | पर्यटन
राजस्थान के गौरवशाली इतिहास में कई ऐसे गढ़ और किले हैं जो केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि अपने भीतर शौर्य, रणनीति और विरासत की कहानियाँ संजोए हुए हैं। इन्हीं में से दो हैं — देवगिरि दुर्ग और ऊटगिर किला, जो आज भी यदुवंशी वंश और करौली राज्य की सैन्य रणनीतियों के साक्षी हैं।...
by hdeshatanam | May 17, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की पुण्यभूमि पर जन्म लेने वाली भक्त शिरोमणि मीरा बाई न केवल भक्ति आंदोलन की प्रेरणास्रोत रही हैं, बल्कि काव्य, संगीत और आत्मिक भक्ति की प्रतिमूर्ति भी हैं। उनका जीवन आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं और भक्ति रस में डूबे व्यक्तियों के लिए आस्था और समर्पण का आदर्श है।...
by hdeshatanam | May 16, 2025 | पर्यटन
राजस्थान के नागौर जिले में स्थित कुचामन किला (Kuchaman Fort) अपनी ऊँचाई, स्थापत्य और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। समुद्र तल से लगभग 300 मीटर ऊँचाई पर एक खड़ी चट्टान पर स्थित यह किला 9वीं शताब्दी में राठौड़ वंश के ठाकुर जालिम सिंह द्वारा बनवाया गया था। आज यह...
by hdeshatanam | May 15, 2025 | पर्यटन
राजस्थान के रेगिस्तानी परिदृश्य में अनेक किले अपनी शान और वैभव से पहचाने जाते हैं। इन्हीं में से एक है खींवसर किला (Khimsar Fort), जो ना सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत बल्कि आज की आधुनिकता में भी अपनी पहचान बनाए हुए है। थार के पूर्वी छोर पर स्थित यह दुर्ग स्थापत्य कला,...
by hdeshatanam | May 14, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की भूमि अपने ऐतिहासिक किलों, भव्य महलों और आध्यात्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी भी होती हैं जो रहस्यमयी होते हुए भी जनआस्था का प्रतीक बन जाती हैं। “ओम बन्ना धाम” या “बुलेट बाबा मंदिर” ऐसी ही एक जगह है, जहाँ...