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खण्डार किला – सिसोदिया शौर्य और अजेय इतिहास की गाथा

राजस्थान की वीरभूमि में स्थित खण्डार किला (Khandar Fort), सवाई माधोपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर, अरावली की ऊँचाइयों पर खड़ा एक ऐसा दुर्ग है, जो इतिहास, वीरता और वास्तुशिल्प का अनूठा संगम है।यह किला न सिर्फ सिसोदिया वंश के गौरव का प्रतीक रहा है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी...

श्री महावीरजी मंदिर – श्रद्धा और चमत्कारों से ओतप्रोत एक जैन तीर्थ

राजस्थान के करौली जिले में, गंभीरी नदी के तट पर स्थित है एक पवित्र जैन तीर्थ — श्री महावीरजी मंदिर, जो कि 24वें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी को समर्पित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी चमत्कारी मान्यताओं, शानदार स्थापत्य कला,...

उम्मेद भवन पैलेस – जोधपुर की राजसी भव्यता का संगमरमर में खड़ा इतिहास

राजस्थान की रेत पर रचा गया एक स्वप्न, एक महल जो इतिहास, वास्तुकला और मानवता की मिसाल बनकर खड़ा है — उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर।यह न सिर्फ 20वीं सदी का इकलौता शाही महल है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े निजी आवासों में से एक भी है। निर्माण का उद्देश्य: जब भव्यता बनी राहत का...

जसवंत थड़ा – मारवाड़ की संगमरमर में गूँजी विरासत

राजस्थान की नीली नगरी जोधपुर में स्थित एक श्वेत सौंदर्य, एक भव्य स्मारक जो समय की रेत पर अमिट छाप छोड़ता है — जसवंत थड़ा। यह स्मारक केवल एक समाधि नहीं, बल्कि मारवाड़ के शौर्य, शासन और स्थापत्य कला की चमकती हुई पहचान है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: श्रद्धांजलि एक महान राजा को...

मान महल पुष्कर – तीर्थ नगरी का राजसी आकर्षण

राजस्थान की पवित्र नगरी पुष्कर, जहां आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम होता है, वहां स्थित है एक भव्य और ऐतिहासिक महल – मान महल। यह महल ना केवल स्थापत्य की दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि यह पुष्कर के सबसे बड़े शाही भवनों में से एक माना जाता है। इतिहास और निर्माण मान महल...