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राजस्थान अपनी शाही विरासत, भव्य महलों और ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन जब बात रहस्यमयी और डरावने स्थानों की होती है, तो भानगढ़ किले (Bhangarh Fort) का नाम सबसे पहले आता है।

यह किला 17वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह ने बनवाया था, जो मुगल सम्राट अकबर के सेनापति मान सिंह प्रथम के छोटे भाई थे। यह किला जयपुर और अलवर के बीच स्थित है और Sariska राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 50 किलोमीटर दूर है।

भानगढ़ किला न केवल मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का एक बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि भारत के सबसे भूतिया स्थानों में से एक भी माना जाता है। इस किले से जुड़ी अनेक रहस्यमयी कहानियाँ और शापित किस्से इसे और भी दिलचस्प बनाते हैं।

भानगढ़ किले का इतिहास

1573 ईस्वी में, राजा भगवंत दास ने अपने छोटे पुत्र माधो सिंह प्रथम के लिए इस किले का निर्माण करवाया। 1720 के आसपास, इस क्षेत्र की जनसंख्या 9,000 से अधिक थी, लेकिन इसके बाद यहाँ धीरे-धीरे लोग रहने बंद कर दिए। यह किला तीन परकोटों (fortifications) और पाँच विशाल द्वारों से घिरा हुआ था, जिससे यह सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था। वर्तमान में, यह किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित किया गया है और सूर्यास्त के बाद यहाँ जाने की अनुमति नहीं है।

भानगढ़ किले की वास्तुकला

यह किला मुगल और राजपूत वास्तुकला का शानदार मिश्रण है।

  • मुख्य प्रवेश द्वार और चार अन्य द्वार:
    • लाहौरी गेट
    • अजमेरी गेट
    • फूलबाड़ी गेट
    • दिल्ली गेट
  • प्रमुख मंदिर और अन्य संरचनाएँ:
    • गोपीनाथ मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, केशवराय मंदिर, मंगलादेवी मंदिर और गणेश मंदिर
    • सभी मंदिर नागर शैली की वास्तुकला में बने हैं और पत्थरों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है।
    • गोपीनाथ मंदिर 14 फीट ऊँचे चबूतरे पर स्थित है, जो इसे भव्य बनाता है।
  • प्रमुख महल और हवेलियाँ:
    • पुरोहितजी की हवेली (Purohitji Ki Haveli) – यह मुख्य पुजारी का निवास था।
    • नर्तकियों की हवेली (Nartakiyon Ki Haveli) – यह महल किले के नर्तकियों के लिए बनाया गया था।
    • रॉयल पैलेस (Royal Palace) – यह महल सात मंज़िल का बताया जाता है, लेकिन अब केवल चार मंज़िलें बची हुई हैं

भानगढ़ किले का श्राप और डरावनी कहानियाँ

भानगढ़ किले को शापित माना जाता है और इसके बारे में दो प्रसिद्ध कहानियाँ प्रचलित हैं:

1. बाबा बालू नाथ का श्राप

  • माना जाता है कि राजा माधो सिंह ने इस किले को बाबा बालू नाथ की अनुमति से बनवाया था, जो यहाँ तपस्या किया करते थे।
  • बाबा बालू नाथ ने शर्त रखी थी कि इस किले की ऊँचाई इतनी नहीं होनी चाहिए कि उसकी छाया उनके आश्रम पर पड़े
  • लेकिन बाद में अजबसिंह (माधो सिंह के उत्तराधिकारी) ने इस शर्त को तोड़ा और किले का विस्तार कर दिया।
  • किले की छाया बाबा बालू नाथ के आश्रम पर पड़ते ही पूरा नगर विनाश की चपेट में आ गया और लोग यहाँ से पलायन कर गए।

2. राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक की कहानी

  • कहा जाता है कि भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती अपार सुंदरता के लिए जानी जाती थीं और कई राजकुमार उनसे विवाह करना चाहते थे।
  • एक तांत्रिक (black magician) राजकुमारी से एकतरफा प्रेम करता था और उसने राजकुमारी को वश में करने के लिए एक जादुई इत्र तैयार किया
  • जब राजकुमारी को इस जादू का पता चला, तो उन्होंने इत्र की बोतल एक बड़े पत्थर पर डाल दी।
  • वह पत्थर तांत्रिक की ओर लुढ़क गया और उसे कुचलकर मार दिया
  • मरने से पहले तांत्रिक ने भानगढ़ किले और वहाँ रहने वाले लोगों को श्राप दिया कि यह किला जल्द ही नष्ट हो जाएगा और कोई भी यहाँ नहीं रह पाएगा
  • कुछ समय बाद, मुगल सेना ने इस नगर पर आक्रमण किया, और राजकुमारी समेत सभी लोग मारे गए

आज भी यह माना जाता है कि रात के समय यहाँ से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें आती हैं और कोई भी यहाँ रात में नहीं रुक सकता।

पर्यटन और यात्रा गाइड

📍 स्थान: भानगढ़ किला, अलवर जिला, राजस्थान
समय:

  • सूर्योदय से सूर्यास्त तक (ASI के निर्देशानुसार)
  • रात में यहाँ जाना मना है

🎟️ प्रवेश शुल्क:

  • भारतीय पर्यटकों के लिए: ₹25 प्रति व्यक्ति
  • विदेशी पर्यटकों के लिए: ₹200 प्रति व्यक्ति
  • कैमरा शुल्क अलग से लागू हो सकता है।

🚆 निकटतम रेलवे स्टेशन: दौसा रेलवे स्टेशन (28 किमी)
✈️ निकटतम हवाई अड्डा: जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (88 किमी)

भानगढ़ किले के पास घूमने योग्य स्थान

अगर आप भानगढ़ किले की यात्रा कर रहे हैं, तो आप इन स्थानों की भी यात्रा कर सकते हैं:

  1. सरिस्का टाइगर रिजर्व (50 किमी दूर) – यहाँ आप बाघों और अन्य वन्यजीवों को देख सकते हैं।
  2. अलवर का बाला किला (85 किमी दूर) – यह एक खूबसूरत पहाड़ी किला है, जो अलवर शहर का प्रमुख आकर्षण है।
  3. अलवर सिटी पैलेस (85 किमी दूर) – अलवर के महाराजाओं का शानदार महल।
  4. मूसी महारानी की छतरी (87 किमी दूर) – एक सुंदर स्मारक, जो अलवर में स्थित है।

निष्कर्ष

भानगढ़ किला सिर्फ एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी स्थान भी है, जहाँ इतिहास और लोककथाएँ एक साथ मिलती हैं। अगर आप इतिहास, रोमांच और रहस्य में रुचि रखते हैं, तो यह किला आपके लिए एक अविस्मरणीय यात्रा साबित होगा।

भानगढ़ का दौरा करना सिर्फ एक दर्शनीय स्थल देखना नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के गौरवशाली अतीत, वास्तुकला और रहस्यमयी कहानियों का अनुभव करने का मौका है।

तो क्या आप इस रहस्यमयी किले की यात्रा करने के लिए तैयार हैं?