by hdeshatanam | Mar 24, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान की समृद्ध विरासत अपने गौरवशाली इतिहास, अनूठी स्थापत्य कला और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसी विरासत का एक नायाब नमूना है भीलवाड़ा ज़िले का ऐतिहासिक कस्बा मांडल। भीलवाड़ा से महज 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मांडल, पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक,...
by hdeshatanam | Mar 24, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान की वीर भूमि, जहाँ हर किला एक गाथा कहता है, उसी श्रृंखला में एक अनोखा रत्न है – बदनोर का ऐतिहासिक किला (Badnore Fort)। यह सात मंज़िला भव्य किला भले ही पर्यटकों की मुख्य सूची में शामिल न हो, लेकिन इसकी वास्तुकला, ऊँचाई और इसके भीतर छिपे हुए रहस्य इसे एक...
by hdeshatanam | Mar 19, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित नलदेश्वर महादेव मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां श्रद्धा और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। अरावली की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी शांति, दिव्यता और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं...
by hdeshatanam | Mar 19, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान के अरावली पर्वत श्रृंखला के घने जंगलों के बीच स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर एक अद्वितीय धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर है। यह प्राचीन मंदिर सरिस्का टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन में, अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में स्थित है। कठिन पहाड़ी रास्तों, घुमावदार पगडंडियों और गहरे...
by hdeshatanam | Mar 17, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित नारायणी माता मंदिर (Narayani Mata Temple) एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो अपनी आध्यात्मिक शक्ति, ऐतिहासिक महत्व और रहस्यमयी कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर अलवर से लगभग 80 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और सरिस्का टाइगर रिजर्व...
by hdeshatanam | Mar 17, 2025 | इतिहास, पर्यटन
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भर्तृहरि मंदिर (Bhartrihari Temple) आध्यात्मिकता और इतिहास का एक अनूठा संगम है। यह मंदिर महान संत और योगी भर्तृहरि नाथ (Baba Bhartrihari Nath) की समाधि के रूप में प्रसिद्ध है और पूरे भारत से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मंदिर सरिस्का...