Select Page

तालवृक्ष: जहाँ मंडव ऋषि ने की थी तपस्या, जानिए इसका पौराणिक इतिहास

राजस्थान अपनी अद्भुत प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है, और अलवर जिले में स्थित तालवृक्ष (Talvriksha) इस सूची में एक अनूठी पहचान रखता है। यह स्थान न केवल अपने गर्म जल के सल्फर स्रोतों के लिए मशहूर है, बल्कि पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के कारण भी लाखों...

तिजारा जैन मंदिर: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक प्रमुख तीर्थस्थल​

तिजारा जैन मंदिर, राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जो जैन समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु को समर्पित है और अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।​ इतिहास 16 अगस्त 1956 को, तिजारा...

सरिस्का टाइगर रिजर्व: जंगल की गूंज और शाही विरासत का संगम

क्या आप जंगल के रोमांच को करीब से महसूस करना चाहते हैं? क्या आप बाघों की दहाड़ सुनने और प्रकृति की अनमोल धरोहर को नज़दीक से देखने के लिए उत्साहित हैं? अगर हाँ, तो राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve) से बेहतर कोई जगह नहीं! यह वन्यजीव अभयारण्य...

सिलिसेढ़ झील: अलवर की प्राकृतिक सुंदरता और शाही विरासत का संगम

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सिलिसेढ़ झील (Siliserh Lake) एक अद्भुत प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल है। यह अलवर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और अरावली पर्वतमाला की सुरम्य पहाड़ियों से घिरी हुई है। महाराजा विनय सिंह द्वारा 1845 ईस्वी में निर्मित इस...

पांडुपोल हनुमान मंदिर, अलवर: सरिस्का के जंगलों में स्थित 5000 साल पुराना एक दिव्य तीर्थ

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व की हरी-भरी वादियों में स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर एक ऐसा स्थान है, जो आध्यात्मिकता, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर को लगभग 5000 साल पुराना माना जाता है और यह मंदिर हनुमान जी...

गर्भाजी वाटरफॉल्स: अलवर की प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा नज़ारा

राजस्थान, जिसे रेगिस्तानों और ऐतिहासिक धरोहरों की भूमि माना जाता है, वहाँ एक अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य भी मौजूद है। अलवर के पास स्थित गर्भाजी वाटरफॉल्स (Garbhaji Waterfalls) इसी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह जलप्रपात अपनी शांत और सुरम्य प्राकृतिक छटा, ऊँचाई से गिरते...