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चित्तौड़गढ़ का किला – शौर्य, बलिदान और गौरव की अमिट गाथा

राजस्थान की वीर भूमि पर स्थित चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि यह राजपूती शौर्य, बलिदान और आत्मगौरव की ऐसी अमर गाथा है, जो हर भारतवासी के हृदय में गर्व की भावना भर देती है। यह किला भारतीय इतिहास में महाकाव्य की तरह प्रतिष्ठित है — इसकी दीवारों पर...

लोहे से भी मजबूत – भरतपुर का ‘लोहागढ़ किला’

राजस्थान के किलों में जहाँ एक ओर सजावट और भव्यता की भरमार है, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा किला भी है जो अपनी सादगी, मजबूती और अपराजेयता के लिए जाना जाता है — लोहागढ़ किला, जिसे ‘Iron Fort’ भी कहा जाता है। यह किला भरतपुर की रणनीतिक शक्ति और सैन्य चातुर्य का प्रतीक रहा है।...

बाड़मेर का गौरव – बाड़मेर गढ़ और गढ़ मंदिर

राजस्थान की सीमांत भूमि बाड़मेर, जहां रेगिस्तान की तपन भी इतिहास की गरिमा को नहीं झुका सकी, वहीं इस धरती पर स्थित है एक ऐतिहासिक किला और दो दिव्य मंदिर – बाड़मेर गढ़ और गढ़ मंदिर (जोगमाया देवी मंदिर)। इन स्थलों की कहानी केवल ईंट-पत्थरों की नहीं, बल्कि वीरता, संस्कृति,...

शाहाबाद किला – हाड़ौती की शान और शक्ति का प्रतीक

राजस्थान का हाड़ौती क्षेत्र अनेक किलों और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है, लेकिन जब बात साहस, शक्ति और रणनीतिक महत्त्व की होती है, तो शाहाबाद किले (Shahabad Fort) का नाम गौरवपूर्ण रूप से लिया जाता है। बारा (Baran) जिले से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित यह दुर्ग न केवल अपनी...

मानगढ़ धाम – राजस्थान का जलियांवाला बाग

राजस्‍थान की ऐतिहासिक धरती पर स्थित बांसवाड़ा जिले का एक छोटा सा गाँव, मानगढ़, आज पूरे देश के लिए वीरता, बलिदान और भक्ति का प्रतीक बन चुका है। मानगढ़ धाम केवल एक तीर्थ स्थल नहीं है, यह देशभक्ति, सामाजिक जागरूकता और आदिवासी स्वाभिमान का एक जीवंत उदाहरण है। इसे राजस्थान...

नवल सागर झील – बूंदी की धरोहर में तैरता सौंदर्य

राजस्थान के हर कोने में एक कहानी बसी है, और बूंदी का दिल कहे जाने वाला नवल सागर झील इस बात का सबसे खूबसूरत उदाहरण है। यह कृत्रिम झील बूंदी शहर के केंद्र में स्थित है और अपने अनोखे स्थापत्य, आध्यात्मिक महत्त्व और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक प्रमुख...