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खींवसर किला – थार के किनारे बसा इतिहास का अद्वितीय गवाह

राजस्थान के रेगिस्तानी परिदृश्य में अनेक किले अपनी शान और वैभव से पहचाने जाते हैं। इन्हीं में से एक है खींवसर किला (Khimsar Fort), जो ना सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत बल्कि आज की आधुनिकता में भी अपनी पहचान बनाए हुए है। थार के पूर्वी छोर पर स्थित यह दुर्ग स्थापत्य कला,...

ओम बन्ना धाम (बुलेट बाबा मंदिर) – राजस्थान की आस्था का अद्भुत अध्याय

राजस्थान की भूमि अपने ऐतिहासिक किलों, भव्य महलों और आध्यात्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी भी होती हैं जो रहस्यमयी होते हुए भी जनआस्था का प्रतीक बन जाती हैं। “ओम बन्ना धाम” या “बुलेट बाबा मंदिर” ऐसी ही एक जगह है, जहाँ...

दयाल शाह का किला – जैन इतिहास और आस्था का अनुपम संगम

राजस्थान की शौर्यगाथाओं, धर्म और स्थापत्य कला से समृद्ध भूमि में एक अनोखा स्थल है – दयाल शाह का किला। यह केवल एक किला नहीं, बल्कि एक नौ मंजिला जैन मंदिर था, जो अपने वैभव, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक घटनाओं के कारण विशेष पहचान रखता है। यह किला न केवल स्थापत्य की दृष्टि...

चौथ माता मंदिर – शक्ति की प्राचीन पीठ जहां श्रद्धा करती है हर इच्छा पूर्ण

राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के एक छोटे-से गाँव चौथ का बरवाड़ा में स्थित है चौथ माता मंदिर, जो न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की शक्तिपीठों में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह मंदिर सवाई माधोपुर ज़िला मुख्यालय से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित है और...

घुश्मेश्वर मंदिर – शिव के बारहवें ज्योतिर्लिंग का पावन धाम

राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के शिवाड़ गांव में स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर, न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि शिवभक्ति की चरम शक्ति और पुनर्जन्म की कथा का जीवंत प्रतीक भी है। इसे भगवान शिव के बारहवें और अंतिम ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है, जिसका उल्लेख...

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान – जहां प्रकृति और इतिहास एक साथ सांस लेते हैं

राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (Ranthambore National Park), भारत के सबसे प्रसिद्ध और रोमांचक वन्यजीव स्थलों में से एक है। यह स्थल न केवल बाघों (Tigers) की अद्भुत उपस्थिति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि रणथंभौर...