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सिटी पैलेस, उदयपुर – झीलों की रानी की शाही धरोहर

राजस्थान की रियासतों में अगर किसी नगरी को राजसी सौंदर्य और शाही भव्यता का प्रतीक कहा जाए, तो वो है उदयपुर – और इसी शहर के दिल में बसा है सिटी पैलेस, जो अपने इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत से हर दर्शक को सम्मोहित कर देता है। निर्माण और इतिहास की झलक सिटी...

सुनहरी कोठी, टोंक: शीशे, सोने और सौंदर्य की अद्वितीय संगमस्थली

राजस्थान की साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी टोंक में स्थित सुनहरी कोठी (Sunehri Kothi) या गोल्डन मेंशन, एक ऐसी धरोहर है जो अपनी सादगी भरे बाहरी स्वरूप से आपको धोखा दे सकती है, लेकिन जैसे ही आप इसके अंदर प्रवेश करते हैं, एक अलौकिक सौंदर्य आपके सामने प्रकट होता है। सुनहरी...

अनूपगढ़ किला: राजस्थान की सीमाओं पर खड़ा एक ऐतिहासिक प्रहरी

राजस्थान के पश्चिमी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ कस्बे में स्थित अनूपगढ़ किला भले ही आज खंडहरों में तब्दील हो चुका हो, लेकिन इसका ऐतिहासिक गौरव आज भी इसकी टूटी दीवारों और बिखरी ईंटों में झलकता है। पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित यह किला कभी मुगलों की सामरिक...

कुम्भलगढ़ किला – मेवाड़ की शान और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली

राजस्थान के राजसमंद ज़िले में स्थित कुम्भलगढ़ किला भारतीय इतिहास और वास्तुकला की महान धरोहरों में से एक है। यह दुर्ग न केवल रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है, बल्कि यह मेवाड़ के वीर महाराणा प्रताप की जन्मस्थली भी है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि कुम्भलगढ़ किले का निर्माण...

रणकपुर जैन मंदिर – कला, आस्था और स्थापत्य का अद्भुत संगम

राजस्थान के अरावली पर्वतों की गोद में स्थित, रणकपुर जैन मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और भव्य जैन तीर्थस्थलों में से एक है। यह मंदिर 15वीं शताब्दी में जैन व्यापारी सेठ धर्मशाह द्वारा बनवाया गया था, जिन्‍हें एक दिव्य स्वप्न में भगवान आदिनाथ का दर्शन हुआ। इस मंदिर का...

रणथंभौर किला – वीरता, संघर्ष और गौरव की अमर कहानी

राजस्थान के सवाई माधोपुर ़िले में स्थित रणथंभौर किला (Ranthambore Fort) ना केवल स्थापत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह भारत के मध्यकालीन इतिहास का एक जीवंत गवाह भी है। 10वीं शताब्दी में चौहान राजवंश के शासकों द्वारा निर्मित यह किला, अरावली और विंध्य की पर्वत...