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तिमनगढ़ किला – इतिहास की गोद में खड़ा एक अद्भुत धरोहर

राजस्थान की ऐतिहासिक भूमि पर स्थित टिमनगढ़ किला, करौली जिले से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यह किला ना केवल स्थापत्य कला की दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि इसका इतिहास भी उतना ही गौरवशाली और रोमांचक है। निर्माण और पुनर्निर्माण की गाथा तिमनगढ़ किले का मूल निर्माण...

नागौर किला: इतिहास, वास्तुकला और सूफियाना रूहानी छटा का संगम

राजस्थान की वीरभूमि पर स्थित नागौर शहर का हृदय कहलाने वाला “नागौर किला” न सिर्फ स्थापत्य की दृष्टि से अद्भुत है, बल्कि यह अपने भीतर सदियों पुराना इतिहास, युद्धों की गूंज, राजपूती शौर्य और सूफियाना मोहब्बत के किस्से भी संजोए हुए है। प्राचीनता की परतें ऐसा...

गरिमामयी इतिहास का गवाह – गढ़ पैलेस, कोटा

कोटा, राजस्थान का एक प्रमुख ऐतिहासिक शहर, केवल अपने औद्योगिक विकास के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहाँ स्थित भव्य गढ़ पैलेस (जिसे कोटा सिटी पैलेस भी कहा जाता है) के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह महल न केवल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि कोटा की समृद्ध...

रतनगढ़ किला – जहां इतिहास गूंजता है समय की घंटियों के संग

राजस्थान की धूल भरी हवाओं में न जाने कितनी कहानियाँ बसी हैं – किसी में शौर्य की महक है, तो किसी में संस्कृति की मिठास। ऐसी ही एक गूंजती हुई धरोहर है – रतनगढ़ किला, जो न केवल स्थापत्य की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि इतिहास की धड़कनों को आज भी महसूस कराने वाला एक...

गागरोन किला – पानी, पहाड़ और परंपरा का अद्भुत संगम

राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थित गागरोन किला (Gagron Fort) न सिर्फ़ स्थापत्य का चमत्कार है, बल्कि यह इतिहास, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का त्रिवेणी संगम भी है। यह किला उन गिने-चुने किलों में से एक है जो पहाड़ और पानी दोनों के संरक्षण में बना हुआ है। शायद इसी...

जालौर किला – राजस्थान की चोटी पर बसा अभेद्य दुर्ग

राजस्थान की वीरभूमि में बसा जालौर किला (Jalore Fort) न सिर्फ़ स्थापत्य की दृष्टि से अद्भुत है, बल्कि यह इतिहास, साहस और शौर्य की गाथाओं से भी सराबोर है। 336 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह भव्य किला दूर से ही अपने अदम्य स्वरूप में नजर आता है, जैसे कि कोई प्रहरी अपनी भूमि...