by hdeshatanam | Apr 15, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की रेतीली भूमि में जैसे ही सूरज की सुनहरी किरणें फैलती हैं, एक भव्य किला मानो रेत से उठता है – जैसलमेर किला, जिसे प्यार से ‘सोनार किला’ (Golden Fort) कहा जाता है। यह भारत के सबसे अद्वितीय और जीवंत किलों में से एक है, जो थार मरुस्थल की गोद में बसा...
by hdeshatanam | Apr 14, 2025 | पर्यटन
जयपुर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर अरावली की ऊँचाइयों पर स्थित है – आमेर पैलेस, जिसे ‘आमेर किला’ भी कहा जाता है। यह राजस्थान की गौरवशाली विरासत का एक अत्यंत भव्य प्रतीक है, जो हिन्दू और मुगल स्थापत्य शैली का अद्वितीय मेल प्रस्तुत करता है। आज यह यूनेस्को...
by hdeshatanam | Apr 13, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की धरती अपने साहस, संस्कृति और स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है। इन्हीं में से एक बेहद गौरवशाली विरासत है भटनेर किला, जिसे आज हनुमानगढ़ किला के नाम से भी जाना जाता है। घग्घर नदी के किनारे स्थित यह किला सिर्फ एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि 1700 वर्षों की गाथा...
by hdeshatanam | Apr 12, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की मिट्टी में जहां एक ओर वीरता की कहानियाँ गूँजती हैं, वहीं दूसरी ओर स्थापत्य और कला के अद्भुत उदाहरण भी हर मोड़ पर देखने को मिलते हैं। डूंगरपुर में स्थित जुना महल (Juna Mahal) भी इन्हीं अद्भुत धरोहरों में से एक है, जो अपनी सात मंज़िला बनावट, प्राचीन दीवारों...
by hdeshatanam | Apr 11, 2025 | पर्यटन
धौलपुर की धरती सिर्फ इतिहास की गाथाओं से नहीं, बल्कि राजसी विरासत और स्थापत्य कला की अद्वितीय मिसालों से भी भरी हुई है। उन्हीं में से एक है – सिटी पैलेस धौलपुर, जिसे धौलपुर पैलेस या राज निवास महल के नाम से भी जाना जाता है। यह महल धौलपुर के हृदय में स्थित है और अपने...
by hdeshatanam | Apr 10, 2025 | पर्यटन
राजस्थान की धूप से तपती ज़मीन के बीच, एक शांत गाँव आभानेरी (Abhaneri) में बसी है एक विस्मयकारी कारीगरी – चाँद बावड़ी। जयपुर से लगभग 88 किलोमीटर दूर, यह बावड़ी ना केवल भारत की सबसे बड़ी और सबसे गहरी बावड़ियों में से एक है, बल्कि वास्तुकला की दृष्टि से भी एक चमत्कार है।...