Select Page

राजस्थान के किलों में जहाँ एक ओर सजावट और भव्यता की भरमार है, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा किला भी है जो अपनी सादगी, मजबूती और अपराजेयता के लिए जाना जाता है — लोहागढ़ किला, जिसे ‘Iron Fort’ भी कहा जाता है।

यह किला भरतपुर की रणनीतिक शक्ति और सैन्य चातुर्य का प्रतीक रहा है। इसके भीतर छुपे हैं इतिहास के ऐसे अध्याय जो वीरता, कुशल नेतृत्व और गौरवशाली युद्धों की गवाही देते हैं।

एक अपराजेय दुर्ग – नाम के अनुरूप

लोहागढ़‘ नाम अपने आप में ही इस किले की मजबूती का परिचायक है। यह किला आम किलों की तरह चटक रंगों या कलात्मक भित्तियों से सुसज्जित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य आकर्षण इसकी सैन्य संरचना और अजेय बनावट है।

  • यह किला कभी भी पूरी तरह से किसी भी विदेशी शक्ति द्वारा ध्वस्त नहीं किया जा सका, जबकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने कई बार इस पर हमले किए।
  • आर्थर वेलेस्ली (Arthur Wellesley) ने अंततः इसे अपने नियंत्रण में लिया, लेकिन तब तक यह किला अपने भीतर एक वीर इतिहास गढ़ चुका था।

युद्धकला की मिसाल

इस किले की विशिष्ट संरचना इसे राजस्थान के अन्य किलों से अलग बनाती है:

  • किले के चारों ओर एक गहरी खाई (moat) बनी हुई है, जो पहले पानी से भरी जाती थी ताकि शत्रु इसे पार न कर सकें।
  • किले की दीवारें सामान्य पत्थरों से नहीं बल्कि मजबूत मिट्टी और लोहे जैसी मिश्रित सामग्री से बनी हैं, जिससे यह तोपों और बारूद के हमलों को भी सहने में सक्षम था।
  • इसकी बनावट इतनी अद्वितीय है कि हमलों के समय गोलियों और गोले किले में समा जाते थे, और दीवारें खंडित नहीं होती थीं।

किले के भीतर के प्रमुख स्थल

इस मजबूत किले के भीतर भी अनेक महलों और स्मारकों का समावेश है जो भरतपुर के शाही वैभव और गौरव को दर्शाते हैं:

1. कोठी खास (Kothi Khas)

भरतपुर नरेशों का शाही निवास स्थल, जहाँ से प्रशासनिक कार्य होते थे।

2. महल खास (Mahal Khas)

शाही परिवार के ठहरने का मुख्य महल, जिसकी बनावट सादगी में भी शाही ठाट-बाट को दर्शाती है।

3. मोटी महल (Moti Mahal)

यह महल मोती जैसे चमकते सफेद पत्थरों से निर्मित है और इसकी दीवारों पर बेहद सुंदर नक्काशी देखी जा सकती है।

4. किशोरी महल (Kishori Mahal)

यह महल रानियों और राजकुमारियों के लिए बनाया गया था, जहाँ उनके निवास और मनोरंजन की व्यवस्था होती थी।

युद्ध विजय की स्मृति – भरुज और बुर्ज

राजा सूरज मल, जो भरतपुर के सबसे प्रसिद्ध और पराक्रमी शासकों में से एक थे, ने किले में दो प्रमुख बुर्ज (बुर्ज = मीनारें/तोरण) बनवाईं:

जवाहर बुर्ज (Jawahar Burj)

  • इसे मुगलों पर विजय की स्मृति में बनवाया गया था।
  • यह बुर्ज किले के शौर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

फतेह बुर्ज (Fateh Burj)

  • इसका निर्माण ब्रिटिश सेना पर विजय को चिन्हित करने के लिए किया गया।
  • आज भी यह बुर्ज भरतपुर की रक्षक शक्ति और नेतृत्व की गवाही देता है।

भरतपुर का गौरव

लोहागढ़ किला केवल एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि यह राजपूत पराक्रम, देशभक्ति और प्रशासनिक कुशलता की जीवंत प्रतिमा है। जहाँ आमेर और जोधपुर के किले अपनी सजावट और भव्यता के लिए जाने जाते हैं, वहीं लोहागढ़ किला वास्तविक सैनिक पराक्रम का गढ़ है।

यात्रा जानकारी

  • स्थान: भरतपुर, राजस्थान
  • समय: सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
  • प्रवेश शुल्क: सामान्य शुल्क, भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: भरतपुर जंक्शन (BHARATPUR JN)
  • निकटतम हवाई अड्डा: आगरा एयरपोर्ट (लगभग 55 किमी दूर)

क्या करें लोहागढ़ में?

  • किले के बुर्जों से शहर का विहंगम दृश्य देखें।
  • कोठी खास और मोटी महल के आंगनों में घूमें और इतिहास को महसूस करें।
  • भरतपुर में स्थित केवला देव पक्षी अभयारण्य भी पास ही है, जो पक्षी प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है।
  • स्थानीय बाज़ारों से राजस्थानी हस्तशिल्प और मिट्टी के बने खिलौने, कढ़ाईदार वस्त्र, व लोककला से सजी वस्तुएं खरीदें।

निष्कर्ष

लोहागढ़ किला राजस्थान के उन अद्वितीय स्मारकों में से है जो भले ही भव्यता में नहीं चमकता, लेकिन शौर्य, शक्ति और स्वतंत्रता की जाज्वल्यमान रोशनी से हर आगंतुक को प्रभावित करता है।

अगर आप राजस्थान की अद्भुत विरासत और अखंड पराक्रम को अनुभव करना चाहते हैं, तो लोहागढ़ किले की यात्रा अवश्य करें। यह किला नहीं, एक जीवित इतिहास है।