राजस्थान की पहाड़ी रानी माउंट आबू में बसी हुई नक्की झील (Nakki Lake) न केवल प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षण का केंद्र है, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी रखती है। इसे भारत की पहली मानव निर्मित झील होने का गौरव प्राप्त है।
इतिहास और निर्माण की कहानी
नक्की झील का निर्माण एक रहस्यमयी किंवदंती से जुड़ा है। लोककथाओं के अनुसार, यह झील देवताओं द्वारा अपने नाखूनों (नख) से खोदी गई थी, इसीलिए इसका नाम ‘नक्की’ पड़ा।
हालांकि ऐतिहासिक रूप से, यह झील 14वीं या 15वीं शताब्दी में बनाई गई थी। माना जाता है कि यह भारत की सबसे पहली मानव निर्मित झील है जिसे माउंट आबू के स्थानीय राजाओं और निवासियों द्वारा जल संरक्षण और सौंदर्य हेतु बनाया गया था।
गांधी जी से जुड़ा एक ऐतिहासिक प्रसंग
नक्की झील का एक विशेष स्थान है भारत के स्वतंत्रता संग्राम में। वर्ष 1948 में, महात्मा गांधी की अस्थियों का विसर्जन इसी झील में किया गया था। इस घटना की स्मृति में झील के किनारे पर ‘गांधी घाट’ का निर्माण किया गया है, जहाँ आज भी श्रद्धालु पुष्पांजलि अर्पित करते हैं।
बोटिंग और सूर्यास्त का रोमांच
झील के नीले स्वच्छ जल, उसके चारों ओर की हरियाली और पहाड़ों का सौंदर्य देखते ही बनता है। यहाँ बोटिंग (नौका विहार) करना एक लोकप्रिय गतिविधि है। पर्यटक पेडल बोट और शिकारा स्टाइल नावों में बैठकर झील की सैर करते हैं।
- झील के मध्य में जाने पर आसपास के टोड रॉक (Toad Rock), गुरु शिखर और माउंट आबू के अन्य स्थलों के सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं।
- सूर्यास्त के समय जब सूरज की सुनहरी किरणें झील की सतह पर पड़ती हैं, तो यह स्थान एक अद्भुत चित्र की तरह लगता है।
टोड रॉक – पास में स्थित अनोखा चट्टानी आकर्षण
नक्की झील के समीप स्थित टोड रॉक एक विशाल मेंढक के आकार की चट्टान है, जो ऐसा प्रतीत होती है मानो वह झील में छलांग लगाने को तैयार है। यह प्राकृतिक शिल्पकला का एक अद्भुत उदाहरण है और पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन फोटो स्पॉट भी।
घूमने और टहलने के लिए सुंदर स्थल
- झील के चारों ओर बना पैदल पथ सुबह और शाम की सैर के लिए उपयुक्त है।
- झील के किनारे बने कैफे और फूड स्टॉल्स यहाँ की चहल-पहल को और भी रंगीन बना देते हैं।
- पास ही में गांव की छोटी दुकानों से स्थानीय हस्तशिल्प और स्मृति चिह्न भी खरीदे जा सकते हैं।
यात्रा की उपयोगी जानकारियाँ
- स्थान: माउंट आबू, सिरोही जिला, राजस्थान
- समय: पूरे वर्ष खुला रहता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च तक मौसम अधिक सुखद रहता है
- प्रवेश शुल्क: झील के किनारे घूमने का कोई शुल्क नहीं, परंतु बोटिंग के लिए मामूली शुल्क लिया जाता है
- बोटिंग समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
निष्कर्ष
नक्की झील, माउंट आबू की आत्मा है। यह न केवल एक दर्शनीय स्थल है, बल्कि इतिहास, प्रकृति और श्रद्धा का संगम भी है। यहां आकर आप शांत झील में नाव की सैर कर सकते हैं, सूरज को डूबते हुए देख सकते हैं, और उस शांति का अनुभव कर सकते हैं जो शहरों की हलचल से दूर, केवल पहाड़ों में ही मिलती है।
यदि आप माउंट आबू की यात्रा पर हैं, तो नक्की झील को अपनी सूची में सबसे ऊपर रखें। यह आपको केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि एक अद्भुत आत्मिक अनुभव भी प्रदान करेगी।