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राजस्थान के अरावली पर्वतों की गोद में स्थित, रणकपुर जैन मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और भव्य जैन तीर्थस्थलों में से एक है। यह मंदिर 15वीं शताब्दी में जैन व्यापारी सेठ धर्मशाह द्वारा बनवाया गया था, जिन्‍हें एक दिव्य स्वप्न में भगवान आदिनाथ का दर्शन हुआ। इस मंदिर का निर्माण 1437 ई. में प्रारंभ हुआ और इसे पूर्ण होने में लगभग 50 वर्ष लगे।

इतिहास और प्रेरणा

सेठ धर्मशाह ने अपने दिव्य स्वप्न की व्याख्या महाराणा कुम्भा से की, जिन्होंने न केवल भूमि दान दी, बल्कि पास ही एक नगर बसाने का भी सुझाव दिया, जो आज रणकपुर कहलाता है। मंदिर का डिज़ाइन पेश करने कई कलाकारों को आमंत्रित किया गया, लेकिन अंततः एक साधारण किन्तु प्रतिभाशाली मूर्तिकार देपा की योजना को चुना गया।

स्थापत्य की अद्वितीयता

रणकपुर जैन मंदिर को सफेद संगमरमर से निर्मित किया गया है और यह अपने अद्भुत नक्काशीदार खंभों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इसमें 1444 खंभे हैं और उनमें से कोई भी एक जैसा नहीं है। यह मंदिर तीन मंज़िला है और इसकी छतें, गुंबद और शिखर बारीक और जटिल नक्काशियों से सजे हुए हैं।

विशाल प्रांगण में स्थित चतुर्मुख मंदिर में चार दिशाओं में भगवान आदिनाथ की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर में कुल 29 मंडप, 80 गुंबद, और अनगिनत जालीदार खिड़कियाँ हैं जो प्राकृतिक रोशनी और वायुवीजन को सुलभ बनाती हैं।

अंदरूनी कला

मंदिर की छतें और मेघनाद मंडप अत्यंत भव्य हैं। यहाँ एक विशाल हाथी की संगमरमर मूर्ति भी स्थित है, जो इस स्थापत्य की समृद्धि को और गहराई देती है। स्तंभों और दीवारों पर बनी मिनिएचर नक्काशियाँ, भगवानों के रूप और धार्मिक कथाएँ मंदिर की आध्यात्मिकता और कलात्मकता दोनों को उजागर करती हैं।

रणकपुर की पहचान

रणकपुर जैन मंदिर को भारत के सात अजूबों में से एक माना जाता है। यह तीर्थस्थल न केवल जैन समुदाय के लिए पवित्र स्थल है, बल्कि कला और इतिहास प्रेमियों के लिए भी अद्वितीय आकर्षण का केंद्र है।

यात्रा सुझाव

  • यह मंदिर उदयपुर से लगभग 90 किमी की दूरी पर स्थित है।
  • यात्रा के दौरान आप नजदीकी कुम्भलगढ़ किले को भी देख सकते हैं।
  • गर्मियों में यात्रा करते समय पानी, छाता और आरामदायक कपड़े साथ रखें।
  • मंदिर में कैमरा ले जाने के लिए अलग शुल्क लिया जाता है।
  • शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखने के लिए संयमित पोशाक पहनें।

रणकपुर जैन मंदिर वह स्थल है जहाँ श्रद्धा, स्थापत्य और शांति का अद्भुत मिलन होता है। एक बार यहाँ आने के बाद, यह स्थान आपकी स्मृतियों में सदा के लिए बस जाएगा।