Select Page

तिजारा जैन मंदिर, राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जो जैन समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु को समर्पित है और अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।​

इतिहास

16 अगस्त 1956 को, तिजारा में एक टीले की खुदाई के दौरान भगवान चंद्रप्रभु की 15 इंच ऊँची सफेद संगमरमर की प्रतिमा प्राप्त हुई थी। इस खोज के बाद, यह विश्वास हुआ कि यह स्थान पहले एक ‘देहरा’ या जैन पूजा स्थल था। बाद में, इस प्रतिमा की स्थापना के लिए मंदिर का निर्माण किया गया, जिससे यह स्थान एक प्रमुख जैन तीर्थस्थल बन गया।

1972 में, एक और 8 इंच की प्रतिमा की खोज हुई, जिसने इस स्थान की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाया।

वास्तुकला

मंदिर की वास्तुकला अत्यंत सुंदर और आकर्षक है। मंदिर में तीन वेदियाँ हैं, जिनमें से मुख्य वेदी में भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर का हॉल इतना विशाल है कि इसमें एक साथ 2000 लोग बैठ सकते हैं। मंदिर के अंदरूनी हिस्सों में सुंदर चित्रकारी, काँच का काम और नक्काशी की गई है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं।

धार्मिक महत्व

तिजारा जैन मंदिर को ‘अतिशय क्षेत्र’ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यहाँ विशेष चमत्कारिक घटनाएँ होती हैं। ऐसा माना जाता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं। यह स्थान न केवल जैन समुदाय के लिए, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।​

आगमन और समय

मंदिर अलवर से 55 किलोमीटर और दिल्ली से 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है, और प्रवेश निःशुल्क है। मंदिर परिसर में भोजन और आवास की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आसपास के आकर्षण

तिजारा जैन मंदिर के अलावा, अलवर जिले में अन्य पर्यटन स्थलों की भी भरमार है। सिलिसेढ़ झील, भानगढ़ किला, सरिस्का टाइगर रिजर्व और नीमराना किला जैसे स्थान पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। इन स्थलों की यात्रा करके, आप राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर का आनंद ले सकते हैं।

निष्कर्ष

तिजारा जैन मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का एक जीवंत उदाहरण भी है। यहाँ की शांत वातावरण और आध्यात्मिकता प्रत्येक आगंतुक के मन को शांति और सुकून प्रदान करती है। यदि आप राजस्थान की यात्रा पर हैं, तो तिजारा जैन मंदिर का दर्शन अवश्य करें और इस अद्भुत स्थल की सुंदरता और पवित्रता का अनुभव करें।