राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित वन विहार वन्यजीव अभ्यारण्य एक ऐसा स्थल है जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जैव विविधता और ऐतिहासिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह अभयारण्य न केवल धौलपुर रियासत के सबसे पुराने शिकार क्षेत्रों में से एक है, बल्कि आज यह एक संरक्षित वन क्षेत्र के रूप में प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत आकर्षक गंतव्य बन चुका है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थापना
वन विहार अभयारण्य की स्थापना 1955 में की गई थी। यह क्षेत्र पूर्व काल में धौलपुर के शासकों का निजी शिकार क्षेत्र हुआ करता था, जहाँ रियासत के राजा और उनके मेहमान विशेष अवसरों पर शिकार किया करते थे। आज यह क्षेत्र संरक्षित वन क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है।
भौगोलिक स्थिति और विस्तार
यह अभ्यारण्य विंध्यन पठार की गोद में लगभग 25 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी स्थलाकृति में ऊँचे-नीचे पठारी भू-भाग, चट्टानी संरचनाएँ, गहरी घाटियाँ और कई छोटे जल स्रोत शामिल हैं जो इसे वन्यजीवों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं।
वनस्पति की विविधता
वन विहार अभ्यारण्य में सूखे पतझड़ी जंगल पाए जाते हैं जिनमें मुख्यतः निम्नलिखित वृक्ष और पौधे उगते हैं:
- धौ (Anogeissus pendula)
- खैर (Acacia catechu)
- बेर (Ziziphus spp.)
- पलाश (Butea monosperma)
- कुसुम (Schleichera oleosa)
इस क्षेत्र की वनस्पति न केवल वन्य प्राणियों को आश्रय और भोजन प्रदान करती है, बल्कि इसकी हरियाली पर्यटकों के मन को भी शांति देती है।
प्रमुख वन्यजीव
यह अभयारण्य कई प्रकार के स्तनधारियों, पक्षियों और सरीसृपों का निवास स्थान है। यहाँ आने वाले पर्यटक निम्नलिखित प्रमुख वन्यजीवों को देखने का आनंद ले सकते हैं:
- सांभर (Sambar Deer)
- चितल (Spotted Deer)
- नीलगाय (Blue Bull/Nilgai)
- जंगली सूअर (Wild Boar)
- भालू (Sloth Bear)
- हाइना (Striped Hyena)
- तेंदुआ (Leopard)
यहाँ पक्षियों की भी कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिससे यह स्थान बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए भी आदर्श बन गया है।
वन्य पर्यटन और अनुभव
वन विहार अभयारण्य में जिप सफारी और ट्रेकिंग ट्रेल्स की सुविधा उपलब्ध है। यहाँ की प्राकृतिक पगडंडियाँ पर्यटकों को वन्यजीवों के करीब ले जाती हैं और रोमांचक अनुभव प्रदान करती हैं। सर्दियों के मौसम (नवंबर से फरवरी) में यहाँ पर्यटकों की संख्या अधिक होती है, जब मौसम सुहावना होता है और जानवरों की गतिविधियाँ भी बढ़ जाती हैं।
कैसे पहुँचें
- निकटतम शहर: धौलपुर (लगभग 10-15 किमी)
- रेलवे स्टेशन: धौलपुर रेलवे स्टेशन, जो भारत के प्रमुख शहरों जैसे आगरा, ग्वालियर, दिल्ली से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
- सड़क मार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग 3 (NH-3) से यहाँ तक पहुँचना सुविधाजनक है।
- निकटतम हवाई अड्डा: आगरा (लगभग 60 किमी)
निष्कर्ष
वन विहार अभयारण्य उन दुर्लभ स्थलों में से एक है जहाँ आप राजस्थान के विंध्यन वन क्षेत्र की शुद्ध जैव विविधता को सजीव रूप में देख सकते हैं। यहाँ की शांत प्रकृति, समृद्ध वन्यजीव और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म स्थल बनाते हैं।
अगर आप भी किसी प्राकृतिक और रोमांचक अनुभव की तलाश में हैं, तो अगली बार धौलपुर यात्रा पर वन विहार अभयारण्य अवश्य शामिल करें – यह स्थान आपको प्रकृति से एक नई आत्मीयता की अनुभूति देगा।